​न्यूज़ सेन्स

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तपती गर्मी में

सात लोग प्यास से तड़पकर

मर गर गए
अजीब है!

अभी समस्या सरकार बनने बनाने की है

अभी इस

बेकार मसले को उठाते हो ?

न्यूज़ सेन्स है कोई
कहां कहां से चले आते हैं …
मरने लगा था तो दे देना था

दो चार बोतल …
बन्द करो बकवास

जाओ

कोई माडल अपना कपड़ा उतारने वाली है

सरकार के समर्थन में

क्लोज़-अप में रखना

कैमरा ..
रिसते रहे रिश्ते

◆●◆●◆●◆

सोचता हूँ

पुरुष को सोचती स्त्री

सोचता हूँ

स्त्री को सोचता पुरुष
सोचता हूँ

स्त्री से प्रेम करता पुरुष

सोचता हूँ

पुरुष से प्रेम करती स्त्री
सोचता हूँ

पुरुष से डरती स्त्री

सोचता हूँ

स्त्री से डरता पुरुष
विचार या बाज़ार 

एक ज़हर की तरह 

पसरता रहा .. 

रिसते रहे रिश्ते
रचो कुछ भ्रमर गीत 

★★★★★★★★

जब समाज की 

मुख्य चिन्तन धारा 

अतार्किक राग में 

रसलीन हो जाए 

तो जानिए 

जनमन 

हो चुका है भ्रष्ट 
अभी जब देखा 

तुम्हें या उन्हें

प्रेम का कवित्त दोहरा रहे थे 

और गुप्तचर 

लगे हाथ चुरा रहे थे

मताधिकार 
ओ सूरदासो ! 

रचो कुछ भ्रमर गीत
उस दिन होगा मुक्ति महोत्सव 

★★★★★★★★★★★★★

उस दिन होगा मुक्ति महोत्सव 

जब हम 

मनुष्य को संबोधित करते हैं

उसे मनुष्य नहीं 

नैतिकता से 

प्रोगैम्ड रोबोट समझते हैं कि उसने 

यह या वह सही न किया 

हम इतना सब कुछ जानते हैं 

इतनी स्पष्टता से 

कि दूसरे को समझते ही नहीं 

कि समझता होगा कुछ भी 

जिस दिन से 

हम सच को समझने लगेंगे अपना सच 

और दूसरे को मुक्त कर पाएँगे 

सच जानने को 

उस दिन होगा मुक्ति महोत्सव 

और तुम और मैं 

मुस्कुराएँगे अपनी अपनी मुस्कान

~~~~~~ रविन्द्र के दास ~~~~~~

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